GST रिटर्न नहीं भरने वाले व्यापारी काम-धाम छोड़कर पढ़ें यह खबर, वरना पंजीयन हो जाएगा रद्द

GST रिटर्न नहीं भरने वाले व्यापारी काम-धाम छोड़कर पढ़ें यह खबर, वरना पंजीयन हो जाएगा रद्द

 

रायपुर. GST रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारी सरकार के रडार पर हैं। जीएसटी काउंसिल ने केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारियों को जीएसटी का रिटर्न न भरने वाले व्यापारियों की सूची सौंपी है। टैक्स अधिकारी अब ऐसे व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) और जीएसटीएन ने अब तक दाखिल जीएसटी रिटर्न के आधार पर आंकड़ों का विश्लेषण किया है। जिसमें कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।

पिछले वर्ष 2017 में जीएसटी लागू हुआ था। जीएसटी लागू होने के बाद सरकार के परोक्ष कर राजस्व में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हुई है। यही वजह है कि सरकार जीएसटी संग्रह बढ़ाने के लिए टैक्स की चोरी रोकने के लिए कई तरह के उपाय करने में जुटी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक अप्रैल 2018 ई-वे बिल लागू किया जा रहा है।

यहां हुई पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के धमतरी में जीएसटी नम्बर लेने के बाद भी पिछले 6 माह से रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों का अब पंजीयन रद्द किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अब तक 50 व्यापारियों का पंजीयन रद्द भी किया जा चुका है। जिले में कुल 6 हजार 863 व्यापारी हैं, जिन्होंने जीएसटी नम्बर ले रखा है। इसमें से 3 हजार 98 व्यापारियों ने तो कंपोजिशन ले रखा है, उन्हें तीन माह रिटर्न भरने की छूट है। जीएसटी पोर्टल में कंपोजिशन रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया काफी आसान है। बचे 3 हजार 765 व्यापारियों में 3 हजार 615 व्यापारी रिटर्न दाखिल कर हैं, लेकिन 150 व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने एक बार भी रिटर्न दाखिल नहीं किया है। अब इन व्यापारियों का जीएसटी पंजीयन रद्द करना शुरू कर दिया गया है।

नहीं होगी लैबिलिटी खत्म
विभाग द्वारा जिन व्यापारियों का पंजीयन रद्द किया जा रहा है, उनकी लैबलिटी समाप्त नहीं होगी। उन्हें रिटर्न दाखिल करना होगा। यदि व्यापारी खुद समाने आकर अपना पंजीयन रद्द कराते हैं, तो आगामी महीनों में रिटर्न दाखिल करने की जिम्मेदारी से मुक्ति मिल जाएगी। कर सलाहकार गोपाल शर्मा ने बताया कि जिन व्यापारियों को जीएसटी नम्बर की जरूरत नहीं है। उन्हें शीघ्र ही अपना जीएसटी पंजीयन रद्द करवा लेना चाहिए।
व्यापारियोंं की सूची तैयार कर कार्रवाई की जा रही है। रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारी अपना पक्ष रख सकते हैं।
रामनरेश चौहान, सेलटेक्स अधिकारी