टैक्स विभाग ने पकड़ी 400 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी

टैक्स विभाग ने पकड़ी 400 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी

नर्इ दिल्ली। वैसे तो कर चोरी के मामले सामने आते रहते हैं। कोर्इ आयकर की चोरी करता है। उससे पहले लोगों द्वारा सेल्स टैक्स की चोरी की जाती थी। अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेंट्रल एक्साइज ऐंड कस्टम्स (सीबीईसी) ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) चोरी का पर्दाफाश किया है। डिपार्टमेंट ने करीब 400 करोड़ रुपए की चोरी का पर्दाफाश किया है। इसमें कर्इ लोगों के नाम सामने आए हैं।

400 करोड़ की जीएसटी चोरी
यह बात अजीब जरूर लग रही होगी, लेकिन सच है। दो दिन पहले सीबीईसी ने देशभर में छापामारी कर 100 से अधिक संस्थानों में 400 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का पर्दाफाश किया। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस ने रेड में टॉप डिफॉल्टर्स की भी पहचान की है। जिनमें मल्टी ब्रांड रिटेलिंग कंपनी सरवन पर 55 करोड़, विष्णु कार्स पर 45 करोड़ और नारायणी इस्पात पर 40 करोड़ जैसे नाम शामिल हैं। ज्यादातर मामलों में जीएसटी वसूला गया लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया गया। जिस वजह से रेवेन्यू में कमी आई। यूनियन फाइनेंस सेक्रेटरी हसमुख अढ़िया ने महीनेभर पहले कहा था कि मौजूदा फिस्कल में जीएसटी रेवेन्यू अनुमान से 50,000 करोड़ रुपये कम रह सकता है।

नहीं जा करा रहे थे टैक्स
डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस के मुताबिक उन्हें रेड के दौरान आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में निजी तौर पर डिवेलप कृष्णापत्तनम पोर्ट की तरफ से कथित रूप से 70 करोड़ का जीएसटी रोके रखे जाने का पता चला। पोर्ट पर मौजूद अधिकारियों ने रेड करने वाली टीम को कहा कि उनकी एक्टिविटीज जीएसटी एक्ट के तहत नहीं है। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस ने कंपनी अधिकारियों की इस दलील को खारिज कर दिया। साथ में डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस टीम को इस बात की भी जानकारी मिली थी कि कुछ कंपनियों ने 50 करोड़ रुपए का एडिशनल सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स जमा नहीं किया है।

होगी सख्त कार्रवार्इ
डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस के अनुसार अगर लोग समय पर रिटर्न फाइल नहीं करेंगे तो अाने वाले समय में उनके खिलाफ और सख्त कार्रवार्इ की जाएगी। डीजीजीआई ने कहा कि उनकी टीम एक करोड़ करदाताआें में से सिर्फ 100 घरों तक पहुंची है। जिन्होंने 400 करोड़ रुपए जीएसटी चोरी की थी। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने लोगों ने कितना रुपया रोककर रखा होगा।