जीएसटी रिटर्न में क्रय सूची अपलोड करने का निर्णय लें वापसजीएसटी रिटर्न में क्रय सूची अपलोड करने का निर्णय लें वापस

जीएसटी रिटर्न में क्रय सूची अपलोड करने का निर्णय लें वापस

कर सलाहकार संघ ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर की मांग

जीएसटी काउंसिल के 10 अप्रैल के परिपत्र के अनुसार जिन करदाताओं ने कंपोजिशन की सुविधा ले रखी है, उन्हें 1 जनवरी से 31 मार्च तक के चौथा रिटर्न के लिए अब क्रय सूची भी अपलोड करना अनिवार्य किया है। इस निर्णय से देश के 15 लाख करदाता प्रभावित होंगे। प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई है।
कर सलाहकार संघ जिलाध्यक्ष बीएल जैन ने निर्णय को वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल को पत्र लिखा है। कंपोजिशन वाले करदाता को रिटर्न समाप्ति के 18 दिवस में जमा कराना अनिवार्य है। इसके बाद 50 रुपये प्रतिदिन से जुर्माने का भुगतान करना होता है। अब शेष 5 दिवस में छोटे करदाताओं के लिए 3 माह की क्रय सूची जिसमें बिल नंबर, दिनांक, विक्रेता का नाम व उसका जीएसटीएन के साथ अलग-अलग दरों से क्रय किए गए मालों की सूची अपलोड करना संभव नहीं है। छोटे करदाताओं की 3 माह में 200 से 300 बिलों की आमद होती है। उसकी पूरी जानकारी अपलोड कर पाना संभव नहीं है। सूची अपलोड करने के बाद भी कंपोजिशन करदाता को इनपुट टैक्स रीबेट नहीं मिलेगा। फिर ऐसी सूची अपलोड करवाने का कोई औचित्य ही नहीं है। ऐसे तुगलकी आदेशों से छोटे करदाता इस असमंजस्य में है कि कंपोजिशन का विकल्प लेकर वे अधिक कर की अदायगी भी कर रहे हैं और कागजी खानापूर्ति भी ज्यादा करना पड़ रही है। अभी तक जीएसटी काउंसिल के इस निर्णय से करदाता एवं कर सलाहकार सहित विभागीय अफसरों को भी ऐसे संशोधन की जानकारी ही नहीं है। फिर इसका क्रियान्वयन इतने कम समय मे कैसे होगा यह भी विचारणीय मुद्दा है।

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