जीएसटीएन को सरकारी कंपनी बनाने पर विचार कर रही है सरकार

जीएसटीएन को सरकारी कंपनी बनाने पर विचार कर रही है सरकार
 10 Apr 2018,

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। केंद्र सरकार जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी बनाने पर विचार कर रही है। आपको बता दें कि जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था का आईटी ढांचा तैयार किया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के जरिए सामने आई है।
वर्तमान में, निजी वित्तीय संस्थाएं 51 फीसद हिस्सेदारी के साथ जीएसटीएन में बहुसंख्यक हिस्सेदारी रखती हैं,जबकि इसमें केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 49 फीसद की है। सूत्र के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त सचिव हसमुख अढिया से कहा है कि वो जीएसटीएन को बहुसंख्यक सरकारी कंपनी या 100 फीसद सरकारी कंपनी में परिवर्तित करने की संभावनाओं की जांच करें। सरकार अब कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के बारे में सोच रही है क्योंकि पोर्टल टैक्स संग्रह में स्थिरता आने के साथ साथ और ई-वे बिल के सफल कार्यान्वयन के साथ पूरी तरह से तैयार है।
आधिकारिक सूत्र ने आगे बताया कि सरकार ने जीएसटीएन में अपनी हिस्सेदारी 49 फीसद रखी थी और इसका गठन एक निजी कंपनी के तौर पर किया था। साथ ही जीएसटी रोलआउट से पहले “आईटी बुनियादी ढांचे के समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने” के लिए जीएसटीएन को “पर्याप्त स्वतंत्रता” भी उपलब्ध करवाई गई थी।
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर को पूरे देश में एक जुलाई 2017 से लागू कर दिया गया था और इसी नियम के अंतर्गत ई-वे बिल (राज्यों के बीच) को भी 1 अप्रैल 2018 से देश भर में लागू किया जा चुका है। वहीं राज्यों के बीच इसे 15 अप्रैल से लागू किए जाने की तैयारी भी की जा चुकी है।